सौंगी मुखावटे नृत्य नरसिंह को किस रूप में प्रतिनिधित्व करता है?

सौंगी मुखावटे नृत्य नरसिंह को किस रूप में प्रतिनिधित्व करता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। सौंगी मुखौटे नृत्य महाराष्ट्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है जो भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार को प्रतिनिधित्व करता है। यह नृत्य शेर के मुखौटों के माध्यम से असत्य पर सत्य की विजय की कथा को जीवंत करता है। नरसिंह का प्रतिनिधित्व नृत्य में दो मुख्य नर्तक शेर के मुखौटे पहनकर भगवान विष्णु के नरसिंह रूप का अभिनय करते हैं जो हिरण्यकशिपु का वध कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा करते हैं। अन्य नर्तक काल भैरव और वेताल के मुखौटों में सहायक भूमिकाएं निभाते हैं। यह धार्मिक कथा को नाटकीय रूप से प्रस्तुत करता है। परंपरा और प्रदर्शन चैत्र पूर्णिमा पर देवी पूजा के बाद यह नृत्य होता है, जहां नर्तक लाठियां थामे पिरामिड बनाते हुए ऊर्जावान गतियां करते हैं। ढोल, पावरी और संबल के संगीत पर आधारित यह प्रदर्शन आदिवासी समुदायों की भक्ति को दर्शाता है।