नटवारी नृत्य का संबंध किस नृत्य से है?

नटवारी नृत्य का संबंध किस नृत्य से है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। नटवारी नृत्य का संबंध कथक नृत्य से है। नटवारी नृत्य कथक शास्त्रीय नृत्य का एक अभिन्न अंग है जो भगवान कृष्ण की लीलाओं और नृत्य शैली से प्रेरित है। यह कथक के लखनऊ और जयपुर घरानों में विशेष रूप से कृष्ण लीला के चित्रण के लिए प्रयुक्त होता है। नटवारी का ऐतिहासिक संबंध नटवारी शब्द "नटवर" से लिया गया है जो श्रीकृष्ण के नाम नटवरलाल का संकेत है। कथक की उत्पत्ति कथावाचकों से हुई लेकिन भक्ति काल में रासलीला और कृष्ण लीला ने इसे नटवारी रूप प्रदान किया। बनारस घराने में नटवारी का अनन्य उपयोग होता है जहां तीव्र तांडव गतियां और चक्कर कृष्ण की कालिया मर्दन जैसी लीला को दर्शाते हैं। प्रदर्शन विशेषताएं नटवारी में जटिल फुटवर्क, तिरकोण मुद्राएं, ठाट और आमद प्रमुख हैं जो ठुमरी या कवित्त के साथ प्रस्तुत होते हैं। नर्तक चिकनकारी लहंगे या अंगरखा पहनकर घुंघरू की थापों से लय बांधते हैं, चेहरे पर श्रृंगार भाव। यह कथक को …