उस अभिनय का क्या नाम है जो वेशभूषा, आभूषण, चेहरे के मेकअप आदि के उपयोग से संबंधित है?

हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।

आहार्य अभिनय भारतीय नाट्यशास्त्र की एक प्रमुख अभिनय विधा है जो वेशभूषा, आभूषण, चेहरे के मेकअप और रंगों के उपयोग से पात्रों को जीवंत बनाती है। यह नाट्य और नृत्य प्रदर्शनों में पात्रों की पहचान और भाव को स्पष्ट करने का साधन है।

आहार्य अभिनय

आहार्य अभिनय की परिभाषा

नाट्यशास्त्र के अनुसार आहार्य अभिनय चार आहारों - आभरण (आभूषण), नेत्राभरण (आंखों का सज्जा), अंगराग (शरीर पर लेपन) और वेष (वस्त्र) पर आधारित होता है। कथकली में हरा रंग पवित्रता, काला विकृति और लाल क्रोध दर्शाता है जबकि भरतनाट्यम में साड़ी और आभूषण लास्य भाव व्यक्त करते हैं।

प्रदर्शन में उपयोग

कथकली के सेवाकाली में चावल का लेप आहार्य अभिनय का प्रारंभिक चरण है जबकि कथक में चिकनकारी लहंगा और घुंघरू श्रृंगार रस को उभारते हैं। मणिपुरी चोलोम में मोर मुकुट और पुंग इसकी शक्ति प्रदान करते हैं।

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