कथकली नृत्य के पूर्व में एक अभ्यास सत्र को बुलाया जाता है उसे क्या कहा जाता है?

कथकली नृत्य के पूर्व में एक अभ्यास सत्र को बुलाया जाता है उसे क्या कहा जाता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। कथकली नृत्य केरल का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य-नाट्य रूप है और इसके प्रदर्शन से पूर्व एक विशेष अभ्यास सत्र को सेवाकाली कहा जाता था। यह परंपरा नर्तकों को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण रही। सेवाकाली का महत्व सेवाकाली कथकली के प्रारंभिक चरण में आयोजित अभ्यास सत्र था जिसमें नर्तक चेहरे की मांसपेशियों, नेत्र गतियों और मुद्राओं का कठोर प्रशिक्षण लेते थे। यह रामनाट्टम और कृष्णनाट्टम से विकसित परंपरा का हिस्सा था जो प्रदर्शन से ठीक पहले मंदिरों या कलाई घरों में होता था। कथकली प्रदर्शन प्रक्रिया कथकली में सेवाकाली के बाद पुरप्पाड (प्रवेश) और मंजुत्तम जैसे अनुष्ठान होते हैं जहां चेंगला, मदलम और इलाथलम की संगति में कथा अभिनय किया जाता है। नर्तक हरा (पच्चा), लाल (कटि) या काला (करी) मेकअप धारण कर रामायण-महाभारत की कथाएं प्रस्तुत करते हैं। सांस्कृतिक विरासत यह अभ्यास कथकली को केरल कलामंडलम जैसे संस्थ…