थुल्लल नृत्य की उत्पत्ति कहाँ से हुई है?

थुल्लल नृत्य की उत्पत्ति कहाँ से हुई है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। थुल्लल नृत्य की उत्पत्ति केरल में मानी जाती है और यह वहां की एक अत्यंत लोकप्रिय व्यंग्यात्मक लोक नाट्य नृत्य शैली है। भारत का दक्षिणी राज्य केरल अपनी समृद्ध नृत्य एवं नाट्य परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक विशिष्ट और लोकप्रिय शैली है थुल्लल नृत्य जिसकी उत्पत्ति केरल में हुई और जो आज भी मंदिरों एवं सांस्कृतिक आयोजनों में जीवंत रूप से प्रस्तुत की जाती है। थुल्लल अपनी सरल भाषा, तीखे व्यंग्य और आकर्षक मंचन शैली के कारण आम जनता के बीच विशेष रूप से प्रिय रहा है। उत्पत्ति और रचनाकार थुल्लल नृत्य का उद्भव 18वीं शताब्दी में माना जाता है और इसकी रचना प्रसिद्ध मलयालम कवि कुंचन नांबियार ने की थी। कहा जाता है कि उन्होंने उस समय प्रचलित चकयार कूथु की जटिलता और अभिजात्य प्रकृति के विकल्प के रूप में एक ऐसी कला शैली विकसित की जो सीधे आम लोगों से संवाद कर सके। इस प्रकार थुल्लल ने सामाजिक–राजनीतिक व्यंग्य और …