तेवितिचियाट्टम, नंगई नाटकम और दासियाट्टम किस नृत्य के रूप है?
तेवितिचियाट्टम, नंगई नाटकम और दासियाट्टम किस नृत्य के रूप है?
तेवितिचियाट्टम, नंगई नाटकम और दासियाट्टम मोहिनीअट्टम नृत्य के रूप है। भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन, समृद्ध और दार्शनिक कलात्मक परंपराओं में से एक है। यह परंपरा केवल सौंदर्य या मनोरंजन तक सीमित नहीं बल्कि धर्म, दर्शन, साहित्य, संगीत और सामाजिक जीवन से गहराई से जुड़ी हुई है। भारत के दक्षिणी भाग में विकसित नृत्य शैलियों ने शास्त्रीय नृत्य को एक विशिष्ट पहचान दी है। इन्हीं शैलियों में मोहिनीअट्टम का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है जो केरल राज्य की विशिष्ट शास्त्रीय नृत्य परंपरा है। मोहिनीअट्टम अपनी कोमलता, लयात्मक प्रवाह, स्त्रीसुलभ सौंदर्य और भावप्रधान प्रस्तुति के लिए जाना जाता है। समय के साथ यह नृत्य एक संगठित शास्त्रीय स्वरूप में विकसित हुआ किंतु इसके विकास में अनेक लोक, मंदिर और नाट्य परंपराओं का योगदान रहा। तेवितिचियाट्टम, नंगई नाटकम और दासियाट्टम ऐसी ही प्राचीन परंपराएँ हैं जिन्हें मोहिनीअट्टम नृत्य के महत्वपूर्ण रूप अथवा आधार माना जाता है। मोहिनीअट्टम: एक संक्षिप्त परिचय मोहिनीअट्टम केरल का एक प्रमुख शास्त्रीय नृत्य है जिसकी जड़ें मंदिर संस्कृति और वैष्णव भक्ति परं…