फाइकोलॉजी (Phycology) के तहत विज्ञान की शाखा में किसका अध्ययन किया जाता है?
फाइकोलॉजी (Phycology) के तहत विज्ञान की शाखा में किसका अध्ययन किया जाता है?
फाइकोलॉजी (Phycology) के तहत विज्ञान की शाखा में शैवाल (Algae) का अध्ययन किया जाता है। शैवाल ऐसे प्रकाश संश्लेषी जीव हैं जो पृथ्वी पर जीवन-प्रणाली की आधारशिला में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सूक्ष्म (microscopic) से लेकर विशाल (macroscopic) आकारों में पाए जाते हैं और जल ताजे पानी, समुद्री जल, खारे पानी साथ ही आर्द्र स्थल, वृक्षों की छाल, चट्टानों तथा बर्फीले क्षेत्रों तक में फैले हुए हैं। फाइकोलॉजी का दायरा केवल शैवाल की पहचान तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी संरचना, वर्गीकरण, जीवन-चक्र, पारिस्थितिकी, जैव-रसायन, जैव-प्रौद्योगिकी, औद्योगिक उपयोग, पर्यावरणीय महत्त्व और मानव जीवन पर प्रभावों तक विस्तृत है। आधुनिक युग में ऊर्जा, पोषण, औषधि, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों के समाधान में शैवाल-आधारित अनुसंधान अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। फाइकोलॉजी का अर्थ, इतिहास और विकास फाइकोलॉजी शब्द ग्रीक भाषा के Phykos (शैवाल) और Logos (अध्ययन) से मिलकर बना है। आरंभ में शैवाल का अध्ययन वनस्पति विज्ञान (Botany) के अंतर्गत किया जाता था किंतु उनकी विशिष्ट संरचनात्मक, शारीरिक और पारि…