मणिपुरी नृत्य का सबसे प्रारंभिक रूप कौन सा है?

मणिपुरी नृत्य का सबसे प्रारंभिक रूप कौन सा है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। मणिपुरी नृत्य का सबसे प्रारंभिक रूप लाई हरोबा है। भारत के उत्तर–पूर्वी राज्य मणिपुर की सांस्कृतिक परंपरा अत्यंत प्राचीन और आध्यात्मिक है। मणिपुरी नृत्य की जड़ें इसी परंपरा में गहराई से जुड़ी हुई हैं। मणिपुरी नृत्य का सबसे प्रारंभिक और मूल रूप ‘लाई हरोबा’ माना जाता है। यह केवल एक नृत्य शैली नहीं बल्कि मणिपुर की आदिम धार्मिक आस्था, लोक विश्वास और जीवन दर्शन की जीवंत अभिव्यक्ति है। लाई हरोबा का अर्थ और पृष्ठभूमि ‘लाई हरोबा’ का शाब्दिक अर्थ है — देवताओं का आनंदोत्सव। यह उत्सव मणिपुर की प्राचीन सनामही (Sanamahi) परंपरा से जुड़ा हुआ है जिसमें स्थानीय देवताओं (लाई) की पूजा की जाती है। लाई हरोबा उत्सव के माध्यम से सृष्टि की उत्पत्ति, प्रकृति, मानव जीवन और देवताओं के बीच संबंध को नृत्य व संगीत द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। नृत्य की विशेषताएँ लाई हरोबा में नृत्य अनुष्ठानात्मक और प्रतीकात्मक होता है। इसकी गतियाँ को…