ऋग्वेद में पुत्री के लिए प्रयुक्त शब्द ‘दुहिता’ का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
ऋग्वेद में पुत्री के लिए प्रयुक्त शब्द ‘दुहिता’ का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
ऋग्वेद में पुत्री के लिए प्रयुक्त शब्द ‘दुहिता’ का शाब्दिक अर्थ गाय का दोहन करने वाली होता है। ऋग्वेद भारतीय सभ्यता का सबसे प्राचीन साहित्यिक और धार्मिक ग्रंथ माना जाता है। यह न केवल वैदिक देवताओं, यज्ञों और मंत्रों का संकलन है बल्कि उस काल की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संरचना को भी स्पष्ट रूप से दर्शाता है। ऋग्वैदिक समाज में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ केवल भाषायी नहीं बल्कि गहरे सामाजिक और आर्थिक संकेत भी देते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण शब्द है ‘दुहिता’ जो ऋग्वेद में पुत्री (बेटी) के लिए प्रयुक्त हुआ है। इस शब्द का शाब्दिक अर्थ है “गाय का दोहन करने वाली”। यह अर्थ न केवल भाषा-विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि इससे ऋग्वैदिक समाज में स्त्री की भूमिका, आर्थिक योगदान और पारिवारिक सम्मान की भी झलक मिलती है। ऋग्वेद का संक्षिप्त परिचय ऋग्वेद चार वेदों में सबसे प्राचीन है और इसमें 1028 सूक्त तथा लगभग 10,552 मंत्र संकलित हैं। ये सूक्त विभिन्न देवताओं इंद्र, अग्नि, वरुण, सोम आदि की स्तुति में रचे गए हैं। ऋग्वेद की भाषा वैदिक संस्कृत है जिसमें प्रयुक्त शब्द अत्यंत अर्थगर्भित हैं। ‘…