पाइका नृत्य मुंडा जनजाति द्वारा कहाँ किया जाता है?
पाइका नृत्य मुंडा जनजाति द्वारा कहाँ किया जाता है?
पाइका नृत्य मुंडा जनजाति द्वारा छोटा नागपुर पठार के क्षेत्र में किया जाता है। भारत की जनजातीय संस्कृति अपनी प्राचीनता, आत्मीयता और प्रकृति-केन्द्रित जीवन-दर्शन के लिए जानी जाती है। देश के विभिन्न अंचलों में रहने वाली जनजातियाँ न केवल अपनी विशिष्ट सामाजिक संरचना और जीवनशैली के कारण महत्वपूर्ण हैं बल्कि उनके लोकनृत्य, लोकगीत, उत्सव और अनुष्ठान भारतीय संस्कृति को बहुरंगी बनाते हैं। इन्हीं समृद्ध परंपराओं में पाइका नृत्य का विशेष स्थान है जो मुंडा जनजाति द्वारा छोटा नागपुर पठार के क्षेत्र में किया जाता है। यह नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि वीरता, सामूहिक अनुशासन, ऐतिहासिक स्मृति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। पाइका नृत्य अपने स्वरूप, भाव और उद्देश्य में युद्धकला और लोकउत्सव का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है। इसमें प्रयुक्त शस्त्र-सदृश उपकरण, तालबद्ध कदम, ऊर्जावान गतियाँ और समूह-समन्वय इसे विशिष्ट बनाते हैं। यह नृत्य मुंडा समाज के संघर्ष, आत्मरक्षा और सामुदायिक एकता की कहानी कहता है। छोटा नागपुर पठार: भौगोलिक और सांस्कृतिक संदर्भ छोटा नागपुर पठार भारत के पूर्वी भाग में फैला ए…