छठी शताब्दी ई. पू. में वत्स महाजनपद की राजधानी कहाँ थी?

छठी शताब्दी ई. पू. में वत्स महाजनपद की राजधानी कहाँ थी?
छठी शताब्दी ई. पू. में वत्स महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी। भारतीय इतिहास का महाजनपद काल (लगभग 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व) राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण काल रहा है। इसी काल में भारत में गणराज्यों और राजतंत्रों का विकास हुआ तथा नगरों, व्यापार और प्रशासनिक संरचनाओं का तीव्र विस्तार हुआ। बौद्ध और जैन धर्मों का उदय भी इसी काल की प्रमुख विशेषता है। महाजनपद काल में कुल 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है जिनमें से एक महत्वपूर्ण महाजनपद था वत्स महाजनपद। ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार छठी शताब्दी ई. पू. में वत्स महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी। यह नगर न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र के रूप में भी अत्यंत प्रसिद्ध था। महाजनपद काल का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य महाजनपद काल वैदिक काल के उत्तरार्द्ध में विकसित हुआ। इस समय: जनपदों का आकार बढ़कर महाजनपद बन गया स्थायी राजधानियों का विकास हुआ कर व्यवस्था, सेना और नौकरशाही सुदृढ़ हुई व्यापार, मुद्रा और शहरीकरण को बढ़ावा मिला इसी काल में मगध, कोशल, अवंति, वत्स, कुरु और अंग जैसे शक्तिशाली महाजनप…