डंडारी-गुसाडी त्यौहार किसके द्वारा मनाया जाता है?

डंडारी-गुसाडी त्यौहार किसके द्वारा मनाया जाता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। डंडारी-गुसाडी त्यौहार राज गोंड और कोलम जनजाति द्वारा मनाया जाता है। डंडारी-गुसाडी त्यौहार तेलंगाना के आदिवासी समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख फसल उत्सव है जिसमें राज गोंड और कोलम जनजातियां प्रमुख रूप से भाग लेती हैं। यह दीपावली के आसपास अक्टूबर-नवंबर में आदिलाबाद जिले में आयोजित होता है और गुसाडी नृत्य इसका मुख्य आकर्षण है। त्यौहार का परिचय डंडारी-गुसाडी राज गोंड और कोलम जनजातियों का वार्षिक उत्सव है जो फसल कटाई के बाद समृद्धि और आभार व्यक्त करता है। पुरुष नर्तक मोर पंखों, हिरण सींग, कृत्रिम मूंछें-दाढ़ी और बकरी की खाल से सजी पगड़ी पहनकर गुसाडी नृत्य करते हैं जिसमें डंडे बजाते हुए सामूहिक लयबद्ध गतियां होती हैं। प्रदर्शन विशेषताएं नृत्य समूहों में 40 सदस्यों के साथ गांव-गांव घूमते हुए प्रस्तुत होता है जहां ढोल, मंडल और टूटि की थाप पर ऊर्जावान कूदने-चक्कर लगाए जाते हैं। महिलाएं घरों पर पूजा-अर्च…