शास्त्रीय नृत्य की तकनीक को 5 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में संहिताबद्ध किसके द्वारा किया गया था?

शास्त्रीय नृत्य की तकनीक को 5 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में संहिताबद्ध किसके द्वारा किया गया था?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। शास्त्रीय नृत्य की तकनीक को 5 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में संहिताबद्ध भरत मुनि द्वारा किया गया था। भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा विश्व की प्राचीनतम और समृद्ध कलात्मक परंपराओं में से एक है। इसकी तकनीकी, सौंदर्यात्मक और दार्शनिक आधारशिला 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में आचार्य भरत मुनि द्वारा रखी गई थी। भरत मुनि ने भारतीय नाट्य, नृत्य और संगीत की विधाओं को एक सुव्यवस्थित शास्त्रीय स्वरूप प्रदान किया जिससे आगे चलकर शास्त्रीय नृत्यों की सुदृढ़ परंपरा विकसित हुई। नाट्यशास्त्र : शास्त्रीय नृत्य का मूल ग्रंथ भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की तकनीक का आधार ग्रंथ माना जाता है। इस ग्रंथ में नृत्य, नाटक और संगीत के सिद्धांतों को वैज्ञानिक एवं दार्शनिक दृष्टि से संहिताबद्ध किया गया है। नाट्यशास्त्र में अंगिक, वाचिक, आहार्य और सात्त्विक अभिनय का विस्तार से वर्णन मिलता है जो आज भी सभी शास्त्रीय न…