चाली, झुमुरा और नाडु भंगी किस नृत्य के रूप है?

चाली, झुमुरा और नाडु भंगी किस नृत्य के रूप है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। चाली, झुमुरा और नाडु भंगी सत्त्रिया शास्त्रीय नृत्य के रूप है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा में सत्त्रिया नृत्य का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह नृत्य रूप असम की वैष्णव भक्ति परंपरा से विकसित हुआ है और इसकी स्थापना महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव से जुड़ी मानी जाती है। सत्त्रिया नृत्य की शास्त्रीय संरचना में चाली, झुमुरा और नाडु भंगी तीन महत्वपूर्ण और विशिष्ट रूप माने जाते हैं। चाली चाली, सत्त्रिया नृत्य की मूल और आधारभूत गति संरचना है। इसमें नृत्य की कोमल, संतुलित और प्रवाहपूर्ण चालों का समावेश होता है। चाली के माध्यम से नर्तक शरीर की सही स्थिति, संतुलन और लय को साधता है। यह सत्त्रिया नृत्य की तकनीकी नींव मानी जाती है जिस पर आगे की जटिल प्रस्तुतियाँ आधारित होती हैं। झुमुरा झुमुरा, सत्त्रिया नृत्य का अधिक गतिशील और ऊर्जावान रूप है। इसमें तेज़ ताल, लयात्मक पद संचालन और सशक्त गतियों का प्रयोग किया जाता है। झुमु…