हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
रेखीय संवेग का संरक्षण क्या है?
रेखीय संवेग का संरक्षण का नियम कहता है कि यदि किसी तंत्र पर कोई बाहरी बल कार्य नहीं कर रहा हो तो उस तंत्र का कुल रेखीय संवेग स्थिर रहता है। अर्थात, क्रिया से पहले और क्रिया के बाद तंत्र का कुल संवेग समान रहता है।
राइफल चलाने की स्थिति
जब राइफल स्थिर अवस्था में होती है तब:
- राइफल का संवेग = 0
- गोली का संवेग = 0
- इस प्रकार, कुल संवेग = 0
जैसे ही ट्रिगर दबाया जाता है:
- गोली बहुत तेज़ गति से आगे की ओर निकलती है
- राइफल पीछे की ओर धक्का खाती है (झटका लगता है)
संवेग का संतुलन कैसे बनता है?
गोली के आगे की ओर गति करने से उसमें आगे की दिशा में संवेग उत्पन्न होता है। चूँकि बाहरी बल नगण्य माना जाता है इसलिए कुल संवेग को शून्य बनाए रखने के लिए राइफल को पीछे की ओर समान परिमाण का संवेग प्राप्त होता है। यही पीछे की ओर होने वाली गति राइफल के झटके (Recoil) के रूप में महसूस होती है।
गणितीय रूप में:
- गोली का संवेग = ( m \times v ) (आगे की ओर)
- राइफल का संवेग = ( M \times V ) (पीछे की ओर)
यहाँ संवेग समान परिमाण के होते हैं पर दिशाएँ विपरीत होती हैं।
झटका क्यों महसूस होता है?
राइफल का द्रव्यमान गोली की तुलना में बहुत अधिक होता है। इसलिए:
- गोली की गति बहुत अधिक होती है
- राइफल की गति बहुत कम होती है
फिर भी, अचानक पीछे की ओर होने वाली यह गति कंधे पर झटके के रूप में महसूस होती है।
अन्य समान उदाहरण
रेखीय संवेग के संरक्षण के ऐसे और भी उदाहरण हैं:
- बंदूक से गोली चलाना
- नाव से छलांग लगाने पर नाव का पीछे खिसकना
- रॉकेट का उड़ान भरना
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