हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
प्रमस्तिष्क क्या है?
प्रमस्तिष्क मस्तिष्क का अग्रभाग होता है और यह कुल मस्तिष्क भार का लगभग 80 प्रतिशत भाग बनाता है। इसकी बाहरी सतह को सेरेब्रल कॉर्टेक्स (Cerebral Cortex) कहा जाता है जो मुड़ी हुई (गाइरी और सल्काई) संरचना के कारण सतह क्षेत्र को बढ़ाती है।
संरचना और विभाजन
प्रमस्तिष्क दो सेरेब्रल गोलार्धों (Cerebral Hemispheres) में विभाजित होता है दायाँ और बायाँ। ये दोनों गोलार्ध कॉर्पस कैलोसम (Corpus Callosum) द्वारा आपस में जुड़े होते हैं। प्रत्येक गोलार्ध को आगे विभिन्न लोब्स में बाँटा जाता है:
- फ्रंटल लोब (ललाट खंड)
- पैराइटल लोब (पार्श्व खंड)
- टेम्पोरल लोब (कर्ण खंड)
- ऑक्सिपिटल लोब (पश्च खंड)
प्रमस्तिष्क के प्रमुख कार्य
प्रमस्तिष्क मानव की उच्च मानसिक क्रियाओं का केंद्र है। इसके मुख्य कार्य हैं:
- सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता
- स्मरण शक्ति और बुद्धि का विकास
- इच्छानुसार होने वाली पेशीय क्रियाओं का नियंत्रण
- संवेदनाओं का अनुभव (दृष्टि, श्रवण, स्पर्श आदि)
- भावनाओं और व्यक्तित्व का निर्माण
वैज्ञानिक और शैक्षिक महत्व
प्रमस्तिष्क के विकास के कारण ही मनुष्य अन्य जीवों की तुलना में अधिक बुद्धिमान और सामाजिक प्राणी है। यही भाग मनुष्य को भाषा, कला, विज्ञान और संस्कृति को समझने की क्षमता प्रदान करता है।
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