किस अंग के कार्य न करने पर डायलिसिस (Dialysis) किया जाता है?

हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।

वृक्क (Kidney)
अंग के कार्य न करने पर डायलिसिस (Dialysis) किया जाता है। मानव शरीर में वृक्क (Kidney) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है जिसका मुख्य कार्य रक्त को शुद्ध करना और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। जब किसी कारणवश वृक्क अपने कार्य सही ढंग से नहीं कर पाते तब शरीर में विषैले पदार्थ एकत्र होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में जीवन को बनाए रखने के लिए डायलिसिस (Dialysis) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसलिए कहा जाता है कि वृक्क के कार्य न करने पर डायलिसिस किया जाता है।

वृक्क (Kidney)अंग के कार्य न करने पर डायलिसिस (Dialysis) किया जाता है।

वृक्क के मुख्य कार्य

वृक्क शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करते हैं जैसे:
  • रक्त से यूरिया, क्रिएटिनिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को निकालना
  • शरीर में जल और लवण (Electrolytes) का संतुलन बनाए रखना
  • रक्तचाप को नियंत्रित करना
  • लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक हार्मोन (एरिथ्रोपोइटिन) का स्राव

वृक्क विफलता (Kidney Failure)

जब वृक्क इन कार्यों को करने में असमर्थ हो जाते हैं तो इसे वृक्क विफलता कहा जाता है। इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं:
  • मधुमेह (Diabetes)
  • उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
  • संक्रमण या चोट
  • जन्मजात रोग

डायलिसिस क्या है?

डायलिसिस एक चिकित्सीय प्रक्रिया है जिसमें मशीन या विशेष झिल्ली की सहायता से रक्त को कृत्रिम रूप से शुद्ध किया जाता है। यह प्रक्रिया अस्थायी रूप से वृक्क के कार्यों का स्थान लेती है।

डायलिसिस के प्रकार

डायलिसिस मुख्यतः दो प्रकार का होता है:
  • हीमोडायलिसिस (Hemodialysis) – इसमें रक्त को शरीर से बाहर निकालकर मशीन द्वारा साफ किया जाता है।
  • पेरिटोनियल डायलिसिस (Peritoneal Dialysis) – इसमें पेट की झिल्ली का उपयोग रक्त को शुद्ध करने के लिए किया जाता है।

डायलिसिस का महत्व

डायलिसिस:
  • शरीर में विषैले पदार्थों को जमा होने से रोकता है
  • जल और लवण संतुलन बनाए रखता है
  • रोगी के जीवन को सुरक्षित रखने में सहायक होता है

Post a Comment