हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
मेलेनोफॉर क्या हैं?
मेलेनोफॉर विशेष प्रकार की त्वचा कोशिकाएँ होती हैं जिनमें रंगद्रव्य (Pigment) कण पाए जाते हैं। इन रंगद्रव्य कणों के वितरण और संचलन के आधार पर त्वचा का रंग बदलता है। गिरगिट की त्वचा में मेलेनोफॉर के अलावा अन्य प्रकार की रंगद्रव्य कोशिकाएँ जैसे इरिडोफॉर (Iridophore) और क्रोमटॉफोर (Chromatophore) भी उपस्थित होती हैं जो रंग परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया में सहायक होती हैं।
रंग परिवर्तन का कारण
गिरगिट की त्वचा में रंग परिवर्तन मुख्य रूप से दो कारणों से होता है:
- सुरक्षा और परिवेश से मेल: गिरगिट अपने रंग को आसपास के वातावरण के अनुसार बदलता है, जिससे वह शिकारियों से बच सकता है।
- भावनाओं और सामाजिक संकेत: यह रंग परिवर्तन गिरगिट की भावनाओं जैसे डर, उत्तेजना या प्रजनन की स्थिति को दर्शाने के लिए भी होता है।
प्रक्रिया
मेलेनोफॉर में रंगद्रव्य कण त्वचा के भीतर फैलते या संकुचित होते हैं। जब रंग कण फैलते हैं तो त्वचा गहरा दिखाई देती है और जब ये संकुचित होते हैं तो त्वचा हल्की रंगत प्राप्त करती है। इस प्रकार मेलेनोफॉर की गतिशीलता गिरगिट के रंग परिवर्तन का मुख्य आधार है।
