गिरगिट की त्वचा में रंग बदलने का कारण क्या है?

गिरगिट की त्वचा में रंग बदलने का कारण क्या है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। गिरगिट की त्वचा में रंग बदलने का कारण उसकी त्वचा में मेलेनोफॉर नामक असंख्य रंगद्रव्य कोशिकाओं की उपस्थिति है। प्रकृति में गिरगिट (Chameleon) अपनी अद्भुत रंग परिवर्तन क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। यह Fähigkeit केवल सजावट या छिपने के लिए ही नहीं बल्कि भावनाओं और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुसार भी होती है। गिरगिट की त्वचा में रंग बदलने का मुख्य कारण उसकी त्वचा में मौजूद मेलेनोफॉर (Melanophore) नामक असंख्य रंगद्रव्य कोशिकाएँ हैं। मेलेनोफॉर क्या हैं? मेलेनोफॉर विशेष प्रकार की त्वचा कोशिकाएँ होती हैं जिनमें रंगद्रव्य (Pigment) कण पाए जाते हैं। इन रंगद्रव्य कणों के वितरण और संचलन के आधार पर त्वचा का रंग बदलता है। गिरगिट की त्वचा में मेलेनोफॉर के अलावा अन्य प्रकार की रंगद्रव्य कोशिकाएँ जैसे इरिडोफॉर (Iridophore) और क्रोमटॉफोर (Chromatophore) भी उपस्थित होती हैं जो रंग परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया में सहायक होती ह…