दूध का खट्टा होना किसके द्वारा होता है?

दूध का खट्टा होना किसके द्वारा होता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। दूध का खट्टा होना जीवाणु द्वारा द्वारा होता है। दूध हमारे दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण और पोषक खाद्य पदार्थ है। परंतु यदि दूध को अधिक समय तक खुला या बिना उबाल के रखा जाए तो वह खट्टा हो जाता है। यह परिवर्तन किसी रासायनिक पदार्थ के कारण नहीं बल्कि जीवाणुओं (Bacteria) की क्रिया के कारण होता है। इसलिए यह कहा जाता है कि दूध का खट्टा होना जीवाणु द्वारा होता है। दूध खट्टा होने की प्रक्रिया दूध में स्वाभाविक रूप से लैक्टोज (Lactose) नामक शर्करा पाई जाती है। जब दूध को गर्म वातावरण में या लंबे समय तक रखा जाता है तो उसमें उपस्थित या बाहर से आए जीवाणु सक्रिय हो जाते हैं। ये जीवाणु लैक्टोज को तोड़कर लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) में परिवर्तित कर देते हैं। लैक्टिक अम्ल के बनने से दूध का: स्वाद खट्टा हो जाता है गंध बदल जाती है दूध फटने लगता है दूध खट्टा करने वाले जीवाणु दूध को खट्टा करने में मुख्य रूप से लैक्टोबैसिलस (Lactoba…