हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
क्वांटासोम क्या है
क्वांटासोम वास्तव में क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) के भीतर स्थित थायलाकोइड झिल्ली (Thylakoid membrane) पर पाए जाने वाले सूक्ष्म कण होते हैं। इनमें क्लोरोफिल तथा अन्य सहायक वर्णक (Pigments), प्रोटीन और एंजाइम सम्मिलित रहते हैं। ये सभी घटक मिलकर प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने का कार्य करते हैं।
प्रकाश संश्लेषण में भूमिका
प्रकाश संश्लेषण का प्रकाश चरण (Light Reaction) क्वांटासोम में ही संपन्न होता है। इस चरण में सूर्य के प्रकाश के फोटॉनों को क्लोरोफिल द्वारा अवशोषित किया जाता है। क्वांटासोम में उपस्थित वर्णक प्रकाश ऊर्जा को इलेक्ट्रॉनों के रूप में स्थानांतरित करते हैं जिससे ATP और NADPH जैसे ऊर्जा युक्त यौगिक बनते हैं। यही यौगिक बाद में अंधकार अभिक्रिया (Calvin Cycle) में भोजन निर्माण के लिए उपयोग होते हैं।
संरचना और महत्व
क्वांटासोम को प्रकाश संश्लेषण की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई माना जाता है। एक क्वांटासोम में अनेक क्लोरोफिल अणु व्यवस्थित रहते हैं जिससे प्रकाश का अधिकतम अवशोषण संभव हो पाता है। यह व्यवस्था प्रकाश संश्लेषण की दक्षता को बढ़ाती है और पौधों को ऊर्जा प्राप्त करने में सहायता करती है।
जैविक एवं पर्यावरणीय महत्व
क्वांटासोम की क्रियाशीलता के कारण ही पौधे भोजन बनाते हैं और ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। यह प्रक्रिया कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को संतुलित रखती है और पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में सहायक होती है। इस प्रकार, क्वांटासोम अप्रत्यक्ष रूप से सभी जीवों के जीवन से जुड़ा हुआ है।
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