हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
नृत्य का परिचय
का शाद मस्तीह खासी जनजाति का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक नृत्य है जो मेघालय राज्य से जुड़ा हुआ है। युवा पुरुष और महिलाएँ इसमें भाग लेते हैं जहाँ पुरुष तलवार और चाबुक लिए नृत्य करते हैं। यह युद्ध की नकल और विजय के उत्सव का प्रतीक है।
उत्पत्ति और महत्व
यह नृत्य खासी पूर्वजों द्वारा महिलाओं की रक्षा और भूमि की ढाल के सम्मान में किया जाता है। नोंगक्रेम जैसे त्योहारों में इसका प्रदर्शन होता है जो फसल कटाई और देवताओं की पूजा से जुड़ा है। चाँदी या सोने के मुकुट पहनकर कलाकार अपनी गरिमा दर्शाते हैं।
प्रदर्शन विशेषताएँ
- पुरुष दाहिने हाथ में तलवार और बाएँ में चाबुक लिए गोल घेरे में नृत्य करते हैं।
- महिलाएँ भी शामिल होती हैं, पारंपरिक वेशभूषा में।
- ढोल और पारंपरिक वाद्यों की थाप पर तेज गति का नृत्य।
