समुद्र के किनारे उगने वाले वृक्षों में वार्षिक वलय (Annual rings) क्यों नहीं होते?

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समुद्र के किनारे उगने वाले वृक्षों में वार्षिक वलय (Annual rings) नहीं होते क्योंकि यहाँ की जलवायु में स्पष्ट भिन्नता नहीं होती है। वृक्षों के तनों को काटने पर उनमें दिखाई देने वाले गोल–गोल छल्लों को वार्षिक वलय (Annual Rings) कहा जाता है। ये वलय सामान्यतः वृक्ष की आयु और उस क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों को दर्शाते हैं। प्रत्येक वर्ष बनने वाला एक वलय उस वर्ष के विकास चक्र का संकेत होता है। परंतु यह देखा गया है कि समुद्र के किनारे उगने वाले वृक्षों में वार्षिक वलय स्पष्ट रूप से नहीं पाए जाते। इसका प्रमुख कारण वहाँ की जलवायु से जुड़ा हुआ है।

समुद्र के किनारे उगने वाले वृक्षों में वार्षिक वलय (Annual rings) नहीं होते क्योंकि यहाँ की जलवायु में स्पष्ट भिन्नता नहीं होती है।

वार्षिक वलय क्या होते हैं?

वार्षिक वलय वृक्षों के तनों में बनने वाली वे परतें हैं जो मौसम के अनुसार वृक्ष की वृद्धि में अंतर के कारण बनती हैं।
  • अनुकूल मौसम (जैसे वर्षा और वसंत ऋतु) में वृक्ष तेजी से बढ़ता है।
  • प्रतिकूल मौसम (जैसे शीत या ग्रीष्म ऋतु) में वृद्धि धीमी हो जाती है।
तेज और धीमी वृद्धि के इस अंतर के कारण हर वर्ष एक अलग वलय बनता है।

समुद्र तटीय क्षेत्रों की जलवायु

समुद्र के किनारे स्थित क्षेत्रों में जलवायु संतुलित और सम (Moderate) होती है। यहाँ:
  • तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता
  • वर्षा अपेक्षाकृत समान रूप से होती रहती है
  • गर्मी और सर्दी में बहुत अधिक अंतर नहीं होता
इस कारण वृक्षों की वृद्धि पूरे वर्ष लगभग समान रहती है।

वार्षिक वलय न बनने का कारण

चूँकि समुद्र तटीय क्षेत्रों में मौसमी भिन्नता स्पष्ट नहीं होती इसलिए वृक्षों की वृद्धि में भी अचानक परिवर्तन नहीं होता। जब वृद्धि लगातार और समान रूप से होती है तब तेज और धीमी वृद्धि के बीच स्पष्ट अंतर नहीं बन पाता। परिणामस्वरूप, वृक्षों के तनों में स्पष्ट वार्षिक वलय विकसित नहीं हो पाते।

वैज्ञानिक महत्व

वार्षिक वलयों के अध्ययन को डेंड्रोक्रोनोलॉजी (Dendrochronology) कहा जाता है। यह विधि मुख्यतः उन क्षेत्रों में अधिक उपयोगी होती है जहाँ मौसम में स्पष्ट परिवर्तन होता है। समुद्र तटीय क्षेत्रों में उगने वाले वृक्ष इस अध्ययन के लिए कम उपयुक्त होते हैं क्योंकि उनमें वलय अस्पष्ट या अनुपस्थित होते हैं।

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