पदायनी लोक नृत्य भद्रकाली मंदिर में किस राज्य में किया जाता है?
पदायनी लोक नृत्य भद्रकाली मंदिर में किस राज्य में किया जाता है?
पदायनी लोक नृत्य भद्रकाली मंदिर में केरल राज्य में किया जाता है। पदयानी (Padayani) केरल के मध्य त्रावणकोर क्षेत्र में प्रचलित एक प्राचीन और जीवंत अनुष्ठान-कला है जो मुख्यतः भद्रकाली (Bhadrakali) देवी के मंदिरों में देवी को प्रसन्न करने और सामुदायिक आत्मिक शुद्धि के लिये प्रस्तुत की जाती है। यह नृत्य न केवल नाट्य नृत्य और संगीत का संयोजन है बल्कि इसमें मुखौटे (कोलम), चित्रकला, लोकविश्वास और सामुदायिक सहभागिता का समग्र प्रदर्शन देखने को मिलता है। पदायनी की रूपरेखा, प्रतीकात्मकता और रस-भाव की शक्ति इसे केरल के लोक-सांस्कृतिक परिदृश्य में विशिष्ट बनाती है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उत्पत्ति पदयानी का आरम्भ बहुत प्राचीन माना जाता है। कुछ शोध और लोककथाएँ इसे ब्राह्मणवाद के आगमन से भी पूर्वकालीन देव-पूजा की द्रविड़ परंपराओं से जोड़ती हैं। शब्द ‘पदयानी’ का भावशः अर्थ “सेनाओं की पंक्ति” या “युद्ध-दल” से जुड़ा बताया जाता है। कुछ मतों में इसे कलारी (कर्नाटक/केरल की पारंपरिक मार्शल आर्ट) के सैन्य मार्शल चालों का लोक रूप कहा जाता है। ऐतिहासिक अभिलेखों और स्थानीय परंपराओं से संकेत मिलता है कि पदायनी विभि…