आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग किस बीमारी की रोकथाम के लिए किया जाता है?

आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग किस बीमारी की रोकथाम के लिए किया जाता है?
आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग गलगण्ड (Goitre) बीमारी की रोकथाम के लिए किया जाता है। मानव स्वास्थ्य का सीधा संबंध पोषण से होता है। शरीर को स्वस्थ, सक्रिय और रोगमुक्त बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इन पोषक तत्वों में कुछ की मात्रा बहुत कम होती है परंतु उनका प्रभाव अत्यंत व्यापक होता है। आयोडीन ऐसा ही एक सूक्ष्म पोषक तत्व है जिसकी कमी से होने वाली सबसे प्रसिद्ध बीमारी गलगण्ड (Goitre) है। भारत सहित विश्व के अनेक देशों में आयोडीन की कमी लंबे समय तक एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या रही है। इसी समस्या के समाधान के रूप में आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग अनिवार्य और व्यापक रूप से अपनाया गया। गलगण्ड (Goitre) क्या है? गलगण्ड एक ऐसी बीमारी है जिसमें थायरॉयड ग्रंथि असामान्य रूप से बढ़ जाती है। यह वृद्धि आमतौर पर गर्दन के आगे वाले हिस्से में सूजन के रूप में दिखाई देती है। थायरॉयड ग्रंथि शरीर की एक महत्वपूर्ण अंतःस्रावी ग्रंथि है जो थायरॉयड हार्मोन का स्राव करती है। गलगण्ड के प्रमुख लक्षण गर्दन में सूजन या उभार निगलने या सांस लेने में कठिनाई आवाज में भारीपन थकान और कमजोरी ठं…