प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइज़ैक न्यूटन ने गति और बल के संबंध को स्पष्ट करने के लिए गति के तीन नियम प्रतिपादित किए। इन्हीं नियमों में दूसरा नियम यह बताता है कि किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसके त्वरण के समानुपाती होता है। इस प्रकार, न्यूटन के नियमों के अध्ययन में त्वरण एक मौलिक और केंद्रीय भौतिक राशि के रूप में उभरकर सामने आता है।
त्वरण (Acceleration) की परिभाषा
भौतिकी में त्वरण को किसी वस्तु के वेग में प्रति इकाई समय होने वाले परिवर्तन के रूप में परिभाषित किया जाता है।
गणितीय रूप से
- त्वरण = वेग में परिवर्तन / समय
यदि किसी वस्तु का वेग ( v-1 ) से बदलकर ( v-2 ) हो जाए और इसमें समय ( t ) लगे तो
- a = (v2 - v-1)/t
यहाँ
( a ) = त्वरण
( v-1 ) = प्रारंभिक वेग
( v-2 ) = अंतिम वेग
( t ) = समय
त्वरण एक भौतिक राशि क्यों है?
भौतिक राशि (Physical Quantity) वह राशि होती है जिसे मापा जा सके और जिसे किसी संख्यात्मक मान तथा मात्रक (Unit) के साथ व्यक्त किया जा सके। त्वरण इस परिभाषा पर पूर्णतः खरा उतरता है क्योंकि:
- इसे मापा जा सकता है
- इसका संख्यात्मक मान होता है
- इसका एक निश्चित मात्रक होता है
- यह भौतिक घटनाओं का वर्णन करता है
इसी कारण त्वरण को एक महत्वपूर्ण भौतिक राशि माना जाता है।
त्वरण का मात्रक (Unit of Acceleration)
चूँकि त्वरण = वेग / समय होता है इसलिए इसका मात्रक वेग के मात्रक को समय के मात्रक से भाग देकर प्राप्त किया जाता है।
SI पद्धति में
- वेग का मात्रक = मीटर प्रति सेकंड (m/s)
- समय का मात्रक = सेकंड (s)
- अतः त्वरण का SI मात्रक = (m/s)/s = m/s^2
न्यूटन और त्वरण का संबंध
न्यूटन के गति के नियमों में त्वरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है विशेषकर दूसरे नियम में।
न्यूटन का दूसरा नियम
न्यूटन के अनुसार:
- किसी वस्तु पर लगाया गया बल उस वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है और बल की दिशा में होता है।
स्थिर द्रव्यमान की स्थिति में यह नियम इस समीकरण में परिवर्तित हो जाता है:
- F = ma
जहाँ
( F ) = बल
( m ) = द्रव्यमान
( a ) = त्वरण
इस समीकरण से स्पष्ट होता है कि:
- बल लगाने पर वस्तु में त्वरण उत्पन्न होता है
- त्वरण बल के समानुपाती होता है
- द्रव्यमान बढ़ने पर समान बल से कम त्वरण उत्पन्न होता है
इस प्रकार त्वरण न्यूटन की भौतिकी का केंद्रीय तत्व है।
त्वरण के प्रकार
धनात्मक त्वरण (Positive Acceleration)
- जब वस्तु का वेग समय के साथ बढ़ता है तो उसे धनात्मक त्वरण कहते हैं।
- उदाहरण: सीधी सड़क पर तेज होती कार।
ऋणात्मक त्वरण (Negative Acceleration / Retardation)
- जब वस्तु का वेग समय के साथ घटता है तो उसे ऋणात्मक त्वरण या मंदन कहते हैं।
- उदाहरण: ब्रेक लगने पर चलती गाड़ी।
शून्य त्वरण (Zero Acceleration)
- जब वस्तु का वेग स्थिर रहता है तब त्वरण शून्य होता है।
- उदाहरण: समान वेग से चलती ट्रेन।
समान त्वरण (Uniform Acceleration)
- जब समान समयांतराल में वेग में समान परिवर्तन हो।
असमान त्वरण (Non-Uniform Acceleration)
- जब वेग में परिवर्तन असमान हो।
त्वरण की दिशा
त्वरण एक सदिश राशि (Vector Quantity) है अर्थात् इसमें परिमाण (Magnitude) के साथ-साथ दिशा भी होती है।
- गति की दिशा में त्वरण → वेग बढ़ता है
- गति की विपरीत दिशा में त्वरण → वेग घटता है
दैनिक जीवन में त्वरण के उदाहरण
- बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुकते हैं
- लिफ्ट के ऊपर जाने पर शरीर भारी महसूस होता है
- क्रिकेट में गेंद फेंकते समय हाथ का तीव्र त्वरण
- मुक्त पतन में वस्तु का त्वरण (g ≈ 9.8 m/s²)
ये सभी उदाहरण दर्शाते हैं कि त्वरण हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है।
मुक्त पतन और त्वरण
जब कोई वस्तु पृथ्वी की ओर केवल गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में गिरती है तो उसे मुक्त पतन कहते हैं।
मुक्त पतन में वस्तु का त्वरण स्थिर होता है जिसे ( g ) से दर्शाया जाता है।
- g=approx 9.8 , m/s^2
यह भी त्वरण का ही एक विशेष रूप है।
त्वरण और बल का व्यावहारिक महत्व
- वाहन डिजाइन
- रॉकेट प्रक्षेपण
- खेल विज्ञान
- अंतरिक्ष विज्ञान
- इंजीनियरिंग संरचनाएँ
इन सभी क्षेत्रों में त्वरण की गणना अत्यंत आवश्यक है।
भौतिकी में त्वरण का स्थान
भौतिकी की अनेक शाखाओं में त्वरण का प्रयोग होता है:
- यांत्रिकी (Mechanics)
- खगोल भौतिकी
- सापेक्षता सिद्धांत
- आधुनिक भौतिकी
यह सिद्ध करता है कि त्वरण एक मौलिक भौतिक राशि है।
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