रास, संकीर्तन और थांग-ता किस नृत्य के लोकप्रिय रूप हैं?

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रास, संकीर्तन और थांग-ता मणिपुरी नृत्य के लोकप्रिय रूप हैं। भारत के उत्तर–पूर्वी राज्य मणिपुर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे सशक्त माध्यम मणिपुरी नृत्य है। यह नृत्य अपनी कोमलता, आध्यात्मिकता और अनुशासित सौंदर्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। मणिपुरी नृत्य की परंपरा में रास, संकीर्तन और थांग-ता इसके तीन अत्यंत लोकप्रिय और विशिष्ट रूप माने जाते हैं जो भक्ति, संगीत और वीरता तीनों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हैं।

रास, संकीर्तन और थांग-ता मणिपुरी नृत्य के लोकप्रिय रूप हैं।

रास (रासलीला)

रास, मणिपुरी नृत्य का सबसे प्रसिद्ध और आध्यात्मिक रूप है। यह नृत्य मुख्य रूप से भगवान कृष्ण और राधा की लीलाओं पर आधारित होता है। रास नृत्य में अत्यंत कोमल शारीरिक गतियाँ, गोलाकार घूमाव, भावपूर्ण नेत्राभिनय और सौम्य पद संचालन देखने को मिलता है। नर्तकियाँ पारंपरिक गोल घेरदार पोशाक (पोटलोई) धारण करती हैं जो इस नृत्य को दिव्य और अलौकिक रूप प्रदान करती है। रास नृत्य मणिपुरी कला में भक्ति और सौंदर्य का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है।

संकीर्तन

संकीर्तन, मणिपुरी नृत्य की एक प्रमुख संगीत नृत्य परंपरा है। इसमें सामूहिक गायन, वादन और नृत्य का समन्वय होता है। यह शैली वैष्णव भक्ति से जुड़ी है और मंदिरों तथा धार्मिक आयोजनों में प्रस्तुत की जाती है। संकीर्तन में ढोल (पुंग), करताल और गायन की लय पर नर्तक नियंत्रित और अनुशासित गतियों के साथ प्रस्तुति देते हैं। यह रूप मणिपुरी संस्कृति में आस्था, अनुशासन और सामूहिक साधना का प्रतीक है।

थांग-ता

थांग-ता, मणिपुरी नृत्य का सबसे ऊर्जावान और वीरतापूर्ण रूप है। यह मूलतः एक युद्धकला आधारित नृत्य है जिसमें तलवार (थांग) और भाले (ता) का प्रयोग किया जाता है। थांग-ता में तेज़ गति, साहसिक मुद्राएँ और युद्धाभ्यास जैसी गतियाँ दिखाई देती हैं। यह नृत्य मणिपुर की प्राचीन योद्धा परंपरा और आत्मरक्षा संस्कृति को दर्शाता है तथा शारीरिक शक्ति और मानसिक अनुशासन का प्रतीक है।

सांस्कृतिक महत्व

रास, संकीर्तन और थांग-ता तीनों रूप मिलकर मणिपुरी नृत्य को पूर्णता प्रदान करते हैं। जहाँ रास भक्ति और सौंदर्य को दर्शाता है वहीं संकीर्तन आध्यात्मिक साधना का माध्यम है और थांग-ता वीरता तथा आत्मबल का प्रतीक है। ये तीनों रूप मणिपुरी समाज के धार्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक जीवन को अभिव्यक्त करते हैं।

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