सूर्य सदैव पूर्व में निकलता है क्योंकि?

सूर्य सदैव पूर्व में निकलता है क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। हम सभी प्रतिदिन एक सामान्य-सा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण प्राकृतिक दृश्य देखते हैं। सुबह सूर्य का पूर्व दिशा में उदय और शाम को पश्चिम दिशा में अस्त। यह दृश्य इतना स्वाभाविक लगता है कि प्रायः हम इसके पीछे छिपे वैज्ञानिक कारणों पर विचार ही नहीं करते। प्राचीन काल में लोग यह मानते थे कि सूर्य स्वयं पृथ्वी के चारों ओर घूमता है और इसी कारण वह पूर्व से पश्चिम की ओर जाता हुआ प्रतीत होता है।

सूर्य सदैव पूर्व में निकलता है क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है।

लेकिन आधुनिक विज्ञान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सूर्य का पूर्व में निकलना और पश्चिम में डूबना वास्तव में सूर्य की गति नहीं बल्कि पृथ्वी के घूर्णन (Rotation) का परिणाम है। पृथ्वी अपने अक्ष (Axis) पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। इसी कारण हमें सूर्य पूर्व से पश्चिम की ओर चलता हुआ दिखाई देता है।

पृथ्वी और सूर्य का मूल संबंध

पृथ्वी सौरमंडल का एक ग्रह है और सूर्य इसके केंद्र में स्थित एक विशाल तारा है। पृथ्वी सूर्य से दो प्रकार की गतियाँ करती है:
  • घूर्णन (Rotation) – पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना
  • परिक्रमण (Revolution) – पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूमना
सूर्य के उदय और अस्त का संबंध घूर्णन से है न कि परिक्रमण से।

पृथ्वी का घूर्णन क्या है?

पृथ्वी अपने एक काल्पनिक अक्ष पर निरंतर घूमती रहती है। यह अक्ष उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव को जोड़ने वाली एक काल्पनिक रेखा है।
  • पृथ्वी 24 घंटे में अपने अक्ष पर एक पूरा चक्कर लगाती है
  • यही गति दिन और रात के लिए उत्तरदायी है
  • सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व (West → East) की ओर घूमती है।

पश्चिम से पूर्व की ओर घूमने का अर्थ

जब हम कहते हैं कि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है तो इसका अर्थ है:
  • पृथ्वी की सतह पर स्थित कोई भी बिंदु पहले पश्चिम दिशा से होकर पूर्व दिशा की ओर बढ़ता है
  • यही कारण है कि आकाश में स्थित सभी खगोलीय पिंड (सूर्य, चंद्रमा, तारे) हमें पूर्व से पश्चिम की ओर गति करते हुए दिखाई देते हैं
यह ठीक वैसा ही है जैसे यदि आप चलती हुई बस में बैठे हों और बस आगे की ओर चल रही हो तो बाहर के खंभे और पेड़ पीछे की ओर जाते हुए दिखाई देते हैं जबकि वास्तव में वे स्थिर होते हैं।

सूर्य का पूर्व में निकलना: एक दृश्य भ्रम

वास्तव में सूर्य न तो पूर्व में “निकलता” है और न ही पश्चिम में “डूबता” है। यह केवल दृश्य भ्रम (Apparent Motion) है।

यह भ्रम कैसे उत्पन्न होता है?
  • सूर्य लगभग स्थिर स्थिति में है
  • पृथ्वी लगातार घूम रही है
जैसे-जैसे पृथ्वी का कोई भाग सूर्य के सामने आता है वहाँ सूर्योदय होता है और जैसे-जैसे वही भाग सूर्य से दूर जाता है वहाँ सूर्यास्त होता है। इस प्रकार, पृथ्वी की गति के कारण हमें ऐसा लगता है कि सूर्य पूर्व से पश्चिम की ओर जा रहा है।

यदि पृथ्वी उलटी दिशा में घूमती तो?
  • कल्पना कीजिए यदि पृथ्वी पूर्व से पश्चिम की ओर घूमती तो सूर्य पश्चिम में निकलता और पूर्व में डूबता। अर्थात सूर्य के उदय-अस्त की दिशा पूरी तरह पृथ्वी की घूर्णन दिशा पर निर्भर है।

दिशाओं की अवधारणा और सूर्य

पूर्व (East) दिशा का निर्धारण

मानव सभ्यता में दिशाओं की पहचान का सबसे प्राचीन साधन सूर्य रहा है।
  • जहाँ से सूर्य उगता है → पूर्व
  • जहाँ सूर्य अस्त होता है → पश्चिम
चूँकि सूर्य हमेशा पूर्व में उगता है इसलिए पूर्व दिशा को शुभ, पवित्र और नई शुरुआत का प्रतीक माना गया।

प्राचीन मान्यताएँ और आधुनिक विज्ञान

प्राचीन धारणा (भूकेंद्रित सिद्धांत)
  • प्राचीन सभ्यताएँ मानती थीं कि पृथ्वी स्थिर है
  • सूर्य, चंद्रमा और तारे पृथ्वी के चारों ओर घूमते हैं
इसी को भूकेंद्रित सिद्धांत (Geocentric Theory) कहा गया।

आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण (सूर्यकेंद्रित सिद्धांत)
  • पृथ्वी एक गतिशील ग्रह है
  • सूर्य स्थिर है (तुलनात्मक रूप से)
  • पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है
इसी से सूर्य का उदय-अस्त दिखाई देता है

भौगोलिक प्रभाव

समय का निर्धारण
  • पृथ्वी पश्चिम से पूर्व घूमती है इसलिए पूर्वी स्थानों पर सूर्य पहले निकलता है। इसी कारण विश्व में समय क्षेत्रों (Time Zones) की व्यवस्था की गई। 
उदाहरण:
  • जापान में सूर्य भारत से पहले निकलता है
  • भारत में सूर्य यूरोप से पहले निकलता है
दिन-रात की अवधि
  • पृथ्वी का घूर्णन ही
  • दिन और रात
  • सूर्योदय और सूर्यास्त
  • जैविक घड़ी (Biological Clock) को नियंत्रित करता है।

ऋतु परिवर्तन और घूर्णन

हालाँकि ऋतुओं का मुख्य कारण पृथ्वी का परिक्रमण और अक्ष का झुकाव है परंतु:
  • घूर्णन के बिना दिन-रात संभव नहीं
  • और बिना दिन-रात के जीवन असंतुलित हो जाता
जीवन पर प्रभाव
  • जैविक घड़ी (Circadian Rhythm)
  • मनुष्य, पशु और पौधे सभी सूर्य के प्रकाश पर निर्भर हैं
  • सूर्य का नियमित पूर्व से उदय होना
  • नींद
  • जागरण
  • प्रकाश संश्लेषण
  • तापमान संतुलन को नियंत्रित करता है।
कृषि और मानव सभ्यता
  • खेती का समय
  • फसल की वृद्धि
  • दिन की लंबाई
  • सब कुछ पृथ्वी के घूर्णन से जुड़ा है।

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