हीरे की चमक किस कारण होती है?

हीरे की चमक किस कारण होती है?
हीरे की चमक पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होती है। प्रकृति ने मानव को अनेक अद्भुत पदार्थ प्रदान किए हैं किंतु हीरा (Diamond) उनमें सबसे अधिक आकर्षक, मूल्यवान और रहस्यमय पदार्थों में से एक है। हीरे की चमक, उसकी झिलमिलाहट और प्रकाश को बिखेरने की क्षमता सदियों से मनुष्य को मोहित करती आ रही है। आभूषणों में प्रयुक्त हीरे की सबसे बड़ी विशेषता उसकी अद्वितीय चमक (Brilliance) है। सामान्य धारणा यह है कि हीरे की चमक केवल उसकी कठोरता या दुर्लभता के कारण होती है किंतु वैज्ञानिक दृष्टि से यह चमक पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के कारण उत्पन्न होती है। हीरे के बारे में हीरा कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपरूप (Allotrope) है। इसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ा होता है जिससे एक अत्यंत मजबूत त्रिविमीय जालक (Lattice) बनता है। यही संरचना हीरे को अत्यधिक कठोर बनाती है। हीरे की प्रमुख विशेषताएँ अत्यधिक कठोरता (Mohs पैमाने पर 10) उच्च अपवर्तनांक उच्च तापीय चालकता पारदर्शिता अद्भुत चमक और आग (Fire) इनमें से चमक और आग सीधे-सीधे प्रकाश के व्यवहार से संबंधित है…