द्रव्य की चौथी अवस्था क्या कहलाती है?

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द्रव्य (पदार्थ, matter) की चौथी अवस्था प्लाज्मा (Plasma) कहलाती है। भौतिक विज्ञान में पदार्थ (Matter) को सामान्यतः तीन अवस्थाओं ठोस, द्रव और गैस में वर्गीकृत किया जाता है। किंतु आधुनिक विज्ञान के विकास के साथ यह स्पष्ट हुआ कि पदार्थ की एक और विशिष्ट अवस्था भी होती है जिसे प्लाज्मा (Plasma) कहा जाता है। इसी कारण प्लाज्मा को द्रव्य की चौथी अवस्था के रूप में मान्यता दी गई है।

द्रव्य (पदार्थ, matter) की चौथी अवस्था प्लाज्मा (Plasma) कहलाती है।

प्लाज्मा क्या है?

प्लाज्मा अत्यधिक ऊर्जायुक्त अवस्था है जिसमें गैस के परमाणु या अणु आयनीकृत हो जाते हैं। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन परमाणुओं से अलग हो जाते हैं और स्वतंत्र रूप से धनात्मक आयनों तथा मुक्त इलेक्ट्रॉनों का मिश्रण बनाते हैं। यही आयनीकृत गैस प्लाज्मा कहलाती है।

प्लाज्मा का निर्माण

जब किसी गैस को बहुत अधिक तापमान दिया जाता है या उस पर प्रबल विद्युत क्षेत्र लगाया जाता है तो गैस के कणों में इतनी ऊर्जा आ जाती है कि वे अपने इलेक्ट्रॉन खो देते हैं। परिणामस्वरूप गैस प्लाज्मा में परिवर्तित हो जाती है। उदाहरण के लिए सूर्य और अन्य तारों में पाया जाने वाला पदार्थ मुख्यतः प्लाज्मा अवस्था में ही होता है।

प्लाज्मा के गुण

प्लाज्मा के कुछ प्रमुख गुण इस प्रकार हैं:
  • यह विद्युत का सुचालक होता है।
  • यह चुंबकीय क्षेत्रों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है।
  • इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन और आयन होने के कारण यह चमकदार दिखाई दे सकता है।
  • इसमें सामूहिक व्यवहार (Collective behavior) पाया जाता है जो इसे गैस से भिन्न बनाता है।

प्राकृतिक और कृत्रिम प्लाज्मा

प्रकृति में प्लाज्मा के अनेक उदाहरण मिलते हैं जैसे:
  • सूर्य और तारे
  • बिजली की चमक (आकाशीय विद्युत)
  • ध्रुवीय ज्योति (Aurora)
मानव द्वारा निर्मित प्लाज्मा के उदाहरण हैं:
  • नियोन और फ्लोरोसेंट ट्यूब
  • प्लाज्मा टीवी
  • नियंत्रित नाभिकीय संलयन (Fusion) में प्रयुक्त प्लाज्मा

प्लाज्मा का उपयोग

आधुनिक तकनीक में प्लाज्मा का व्यापक उपयोग हो रहा है। यह औद्योगिक कटिंग, चिकित्सा, अर्धचालक निर्माण, अंतरिक्ष अनुसंधान और ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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