इसी संदर्भ में गोबर गैस (Biogas) एक अत्यंत महत्वपूर्ण, सस्ती, स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोत के रूप में सामने आती है। गोबर गैस का मुख्य संघटक मीथेन (Methane) है जो एक ज्वलनशील गैस है और ऊर्जा उत्पादन में अत्यंत उपयोगी है।
गोबर गैस क्या है?
गोबर गैस एक प्रकार की जैव गैस (Biogas) है जो पशुओं के गोबर, कृषि अपशिष्ट, रसोई के जैविक कचरे और अन्य कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन (Anaerobic Digestion) से प्राप्त होती है। यह प्रक्रिया ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होती है और इसमें सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
गोबर गैस को सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। लेकिन आज इसका उपयोग बिजली उत्पादन, वाहन ईंधन और औद्योगिक प्रयोजनों में भी बढ़ रहा है।
गोबर गैस की रासायनिक संरचना
गोबर गैस का सबसे प्रमुख घटक मीथेन (CH₄) है जिसकी मात्रा लगभग 55% से 70% तक होती है। मीथेन एक अत्यधिक ज्वलनशील गैस है और गोबर गैस को ईंधन के रूप में उपयोगी बनाने में इसकी केंद्रीय भूमिका होती है। खाना पकाने, प्रकाश व्यवस्था तथा बिजली उत्पादन जैसे कार्यों में गोबर गैस की सफलता का मुख्य कारण यही मीथेन गैस है।
गोबर गैस का दूसरा महत्वपूर्ण घटक कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) है जिसकी मात्रा लगभग 30% से 40% होती है। यह गैस स्वयं ज्वलनशील नहीं होती लेकिन मीथेन के साथ मिश्रण के रूप में उपस्थित रहती है। कार्बन डाइऑक्साइड गैस गोबर गैस की कुल मात्रा को बढ़ाती है। हालांकि यह उसकी ऊष्मा क्षमता को कुछ हद तक कम कर देती है।
इसके अतिरिक्त गोबर गैस में हाइड्रोजन (H₂) भी पाया जाता है जो लगभग 1% से 5% की मात्रा में होता है। हाइड्रोजन भी एक ज्वलनशील गैस है लेकिन इसकी मात्रा कम होने के कारण ऊर्जा उत्पादन में इसकी भूमिका सीमित रहती है।
गोबर गैस में हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) बहुत अल्प मात्रा में उपस्थित होता है। यह गैस दुर्गंधयुक्त होती है और धातुओं के लिए संक्षारक (corrosive) मानी जाती है। अधिक मात्रा में होने पर यह गैस हानिकारक हो सकती है। इसलिए आधुनिक गोबर गैस संयंत्रों में इसे हटाने की व्यवस्था भी की जाती है।
इनके अलावा गोबर गैस में नाइट्रोजन तथा अन्य गैसें बहुत ही कम मात्रा में पाई जाती हैं जिनका ऊर्जा उत्पादन में कोई विशेष योगदान नहीं होता।
मीथेन गैस का परिचय
मीथेन एक सरल हाइड्रोकार्बन है जिसका रासायनिक सूत्र CH₄ है। यह रंगहीन, गंधहीन और ज्वलनशील गैस है। मीथेन को प्राकृतिक गैस का प्रमुख घटक भी माना जाता है।
मीथेन के प्रमुख गुण
- यह अत्यधिक ज्वलनशील गैस है।
- इसका ऊष्मा मान (Calorific Value) अधिक होता है।
- यह स्वच्छ ईंधन है क्योंकि इसके दहन से कम धुआँ निकलता है।
- दहन के बाद मुख्य रूप से CO₂ और जलवाष्प बनती है।
गोबर गैस में मीथेन की भूमिका
गोबर गैस के उपयोगी होने का सबसे बड़ा कारण उसमें उपस्थित मीथेन है। यदि गोबर गैस में मीथेन की मात्रा कम हो जाए तो गैस की ज्वलन क्षमता और ऊर्जा उत्पादन क्षमता भी घट जाती है। मीथेन की भूमिका को निम्न बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- ऊर्जा का स्रोत – मीथेन के दहन से ऊष्मा ऊर्जा प्राप्त होती है।
- ईंधन क्षमता – अधिक मीथेन प्रतिशत वाली गोबर गैस बेहतर ईंधन होती है।
- स्वच्छ दहन – मीथेन जलने पर कम कालिख और धुआँ पैदा करती है।
- पर्यावरण सुरक्षा – मीथेन को नियंत्रित रूप से जलाने से ग्रीनहाउस प्रभाव कम किया जा सकता है।
गोबर गैस के निर्माण की प्रक्रिया
गोबर गैस का निर्माण एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें कई चरण होते हैं।
कच्चा पदार्थ (Raw Material)
- पशुओं का गोबर
- पानी
- कृषि अपशिष्ट
- जैविक कचरा
गोबर और पानी को सामान्यतः 1:1 के अनुपात में मिलाया जाता है।
अवायवीय अपघटन (Anaerobic Digestion)
यह प्रक्रिया चार मुख्य चरणों में पूरी होती है:
- हाइड्रोलिसिस - इस चरण में जटिल कार्बनिक पदार्थ सरल यौगिकों में टूटते हैं।
- एसिडोजेनेसिस - सरल यौगिक कार्बनिक अम्ल, अल्कोहल और गैसों में बदलते हैं।
- एसिटोजेनेसिस - कार्बनिक अम्ल एसिटिक अम्ल, हाइड्रोजन और CO₂ में परिवर्तित होते हैं।
- मीथेनोजेनेसिस - इस अंतिम चरण में मीथेन उत्पादक जीवाणु एसिटिक अम्ल और हाइड्रोजन से मीथेन गैस का निर्माण करते हैं। यही चरण गोबर गैस में मीथेन के निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
गोबर गैस संयंत्र (Biogas Plant)
गोबर गैस के उत्पादन के लिए विशेष संरचना वाले संयंत्र बनाए जाते हैं।
मुख्य भाग
- मिश्रण टैंक
- डाइजेस्टर (पाचन टैंक)
- गैस होल्डर
- आउटलेट टैंक
डाइजेस्टर में ही अवायवीय अपघटन होता है और मीथेन गैस उत्पन्न होती है।
गोबर गैस के उपयोग
घरेलू उपयोग
- खाना पकाने में
- प्रकाश व्यवस्था में
कृषि क्षेत्र में
- सिंचाई पंप चलाने में
- डीज़ल के विकल्प के रूप में
औद्योगिक उपयोग
- बॉयलर चलाने में
- विद्युत उत्पादन में
उन्नत उपयोग
- बायो-सीएनजी के रूप में
- वाहनों के ईंधन के रूप में
इन सभी उपयोगों में मीथेन की ऊर्जा क्षमता केंद्रीय भूमिका निभाती है।
गोबर गैस के लाभ
नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
- गोबर गैस जैविक कचरे से बनती है जो निरंतर उपलब्ध रहता है।
पर्यावरण संरक्षण
- वायु प्रदूषण में कमी
- ग्रीनहाउस गैसों का नियंत्रित उपयोग
आर्थिक लाभ
- ईंधन पर खर्च में कमी
- ग्रामीण रोजगार सृजन
स्वच्छता में सुधार
- पशु अपशिष्ट का वैज्ञानिक निपटान
- गंदगी और दुर्गंध में कमी
उत्तम खाद का उत्पादन
- गोबर गैस संयंत्र से निकलने वाला स्लरी उत्तम जैविक खाद होती है।
गोबर गैस की सीमाएँ
हालाँकि गोबर गैस अत्यंत उपयोगी है फिर भी इसकी कुछ सीमाएँ हैं:
- प्रारंभिक लागत
- तकनीकी जानकारी की आवश्यकता
- ठंडे क्षेत्रों में उत्पादन में कमी
- मीथेन रिसाव की संभावना
इन सीमाओं के बावजूद इसके लाभ कहीं अधिक हैं।
भारत में गोबर गैस कार्यक्रम
भारत सरकार ने ग्रामीण विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं जिनका उद्देश्य गोबर गैस संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
मीथेन और पर्यावरण संतुलन
मीथेन स्वयं एक ग्रीनहाउस गैस है लेकिन यदि इसे ईंधन के रूप में उपयोग किया जाए तो यह वातावरण में बिना जले छोड़े जाने की तुलना में कम हानिकारक होती है। इस प्रकार गोबर गैस का उपयोग पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक है।
भविष्य की संभावनाएँ
- स्मार्ट बायोगैस संयंत्र
- शहरी जैव कचरे से मीथेन उत्पादन
- बायो-सीएनजी का विस्तार
- ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान
