हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
pH क्या है?
pH किसी विलयन की अम्लीय (Acidic) या क्षारीय (Alkaline) प्रकृति को दर्शाने वाला पैमाना है।
- pH = 7 → तटस्थ (Neutral)
- pH < 7 → अम्लीय
- pH > 7 → क्षारीय
मानव रक्त का pH 7.35 से 7.45 के बीच रहता है जिसमें 7.4 को आदर्श मान माना जाता है।
रक्त का pH 7.4 क्यों आवश्यक है?
मानव शरीर की अनेक जैव-रासायनिक क्रियाएँ जैसे एंजाइमों की सक्रियता, श्वसन क्रिया, कोशिकीय चयापचय (Metabolism), ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन सभी एक निश्चित pH सीमा में ही सही ढंग से होती हैं। pH में थोड़ी-सी भी वृद्धि या कमी शरीर के लिए घातक सिद्ध हो सकती है।
रक्त में pH का संतुलन कैसे बना रहता है?
रक्त का pH स्थिर रखने के लिए शरीर में बफर तंत्र (Buffer System) कार्य करता है जिनमें प्रमुख हैं:
- बाइकार्बोनेट बफर तंत्र
- हीमोग्लोबिन बफर
- फॉस्फेट बफर तंत्र
इसके अतिरिक्त फेफड़े कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालकर, वृक्क (किडनी) अम्ल और क्षार के उत्सर्जन द्वारा रक्त के pH को नियंत्रित रखते हैं।
pH असंतुलन के प्रभाव
यदि रक्त का pH सामान्य सीमा से बाहर चला जाए तो गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं:
- एसिडोसिस (Acidosis): pH 7.35 से कम
- एल्कलोसिस (Alkalosis): pH 7.45 से अधिक
इन स्थितियों में तंत्रिका तंत्र, हृदय और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।
