हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
वर्ग माध्य मूल वेग (RMS Velocity) क्या है?
किसी भी गैस के अणु निरंतर गतिशील रहते हैं। उनके औसत वेग को वर्ग माध्य मूल वेग कहा जाता है। यह वेग मुख्यतः तापमान और अणु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है। तापमान जितना अधिक होता है, गैस अणुओं का RMS वेग उतना ही अधिक होता है।
पलायन वेग (Escape Velocity) का अर्थ
पलायन वेग वह न्यूनतम वेग है जिसकी सहायता से कोई वस्तु किसी खगोलीय पिंड के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल सकती है। पृथ्वी का पलायन वेग लगभग 11.2 किमी/सेकंड है जबकि चन्द्रमा का पलायन वेग केवल 2.38 किमी/सेकंड के आसपास है जो पृथ्वी की तुलना में बहुत कम है।
चन्द्रमा पर गैसों का टिक न पाना
चन्द्रमा का द्रव्यमान कम होने के कारण उसका गुरुत्वाकर्षण बल कमजोर है। परिणामस्वरूप, वहाँ मौजूद गैसों के अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग चन्द्रमा के पलायन वेग से अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में गैस के अणु चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण को पार कर अंतरिक्ष में निकल जाते हैं। समय के साथ सभी गैसें चन्द्रमा से बाहर निकल गईं और वहाँ स्थायी वायुमण्डल बन ही नहीं पाया।
अन्य सहायक कारण
चन्द्रमा पर वायुमण्डल के अभाव का एक कारण यह भी है कि वहाँ चुंबकीय क्षेत्र बहुत कमजोर है। पृथ्वी का शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र वायुमण्डल को सौर पवन से बचाता है जबकि चन्द्रमा पर यह सुरक्षा नहीं है। इसके अलावा, चन्द्रमा पर दिन और रात के तापमान में अत्यधिक अंतर भी गैसों के बने रहने में बाधक बनता है।
%20%E0%A4%89%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%AA%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8%20%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%97%20(Escape%20Velocity)%20%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A5%A4.jpg)