किस एक कोशिकीय शैवाल (Unicellular Algae) का उपयोग अन्तरिक्ष में खाद्य की समुचित पूर्ति के लिए किया जाता है?

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क्लोरेला (Chlorela)
एक कोशिकीय शैवाल (Unicellular Algae) है जिसका उपयोग अन्तरिक्ष में खाद्य की समुचित पूर्ति के लिए किया जाता है। क्लोरेला (Chlorella) एक एक कोशिकीय हरा शैवाल (Unicellular Green Algae) है जो अपने उच्च पोषण मूल्य और तीव्र वृद्धि क्षमता के कारण वैज्ञानिकों के लिए विशेष आकर्षण का विषय रहा है। यही कारण है कि इसका उपयोग अन्तरिक्ष में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खाद्य की समुचित पूर्ति के रूप में किया जाता है।

क्लोरेला (Chlorela) एक कोशिकीय शैवाल (Unicellular Algae) है जिसका उपयोग अन्तरिक्ष में खाद्य की समुचित पूर्ति के लिए किया जाता है।

क्लोरेला का परिचय

क्लोरेला सूक्ष्म आकार का, गोलाकार और हरित शैवाल होता है जिसमें क्लोरोफिल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बहुत कम स्थान और संसाधनों में तेजी से विकसित हो सकता है।

पोषण मूल्य की दृष्टि से महत्व

क्लोरेला को एक संपूर्ण आहार (Complete Food) माना जाता है। इसमें —
  • उच्च मात्रा में प्रोटीन (लगभग 50–60%)
  • आवश्यक विटामिन (विशेषकर विटामिन B-समूह)
  • खनिज लवण जैसे आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम
  • एमिनो अम्ल और एंटीऑक्सीडें पाए जाते हैं। 
इसी कारण यह अल्प मात्रा में भी अधिक ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है।

अन्तरिक्ष में क्लोरेला का उपयोग

अन्तरिक्ष यान में सीमित स्थान और संसाधनों के कारण पारंपरिक भोजन का भंडारण कठिन होता है। ऐसे में क्लोरेला एक आदर्श विकल्प सिद्ध होता है क्योंकि—
  • यह कम स्थान में उगाया जा सकता है
  • प्रकाश संश्लेषण द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलता है जिससे वायु शुद्ध होती है
  • अंतरिक्ष यात्रियों को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराता है
इस प्रकार क्लोरेला न केवल भोजन बल्कि जीवन-समर्थन प्रणाली (Life Support System) का भी हिस्सा बन जाता है।

पृथ्वी पर भी उपयोग

क्लोरेला का उपयोग आज पृथ्वी पर भी पोषक अनुपूरक (Food Supplement) के रूप में किया जाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और समग्र स्वास्थ्य सुधार में सहायक माना जाता है।

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