चांग लो आदिवासी नृत्य चांग जनजाति द्वारा कहाँ किया जाता है?

चांग लो आदिवासी नृत्य चांग जनजाति द्वारा कहाँ किया जाता है?
चांग लो आदिवासी नृत्य चांग जनजाति द्वारा नागालैंड में किया जाता है। भारत की उत्तर–पूर्वी पर्वतीय भूमि अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृतियों, रंग-बिरंगे परिधानों, लोककथाओं और युद्ध-वीरता से भरे नृत्यों के लिए विश्वविख्यात है। इसी सांस्कृतिक वैभव में चांग लो एक ऐसा आदिवासी नृत्य है जो चांग जनजाति द्वारा नागालैंड में किया जाता है। चांग लो केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि जनजातीय इतिहास, सामूहिक स्मृति, कृषि-चक्र, सामाजिक एकता और वीरता का सशक्त प्रतीक है। यह नृत्य ढोल-नगाड़ों की गूंज, लयबद्ध पदचाप और पारंपरिक वेशभूषा के साथ मंचित होकर दर्शकों को नागा समाज की आत्मा से जोड़ देता है। नागालैंड और जनजातीय सांस्कृतिक परिदृश्य नागालैंड पर्वतों, वन-आवरण और विविध जनजातियों की भूमि है। यहाँ अनेक नागा जनजातियाँ रहती हैं। प्रत्येक की अपनी बोली, परंपरा, पहनावा और लोकनृत्य हैं। इन जनजातियों में चांग जनजाति अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, कृषि परंपराओं और युद्ध-स्मृतियों के लिए जानी जाती है। चांग लो नृत्य इसी पहचान का उत्सव है। चांग जनजाति: सामाजिक-सांस्कृतिक परिचय चांग जनजाति का जीवन सामुदायिक मूल्यों पर आधारित है…