ढिम्सा लोक नृत्य पोरजा जनजातियों द्वारा कहाँ किया जाता है?

ढिम्सा लोक नृत्य पोरजा जनजातियों द्वारा कहाँ किया जाता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। ढिम्सा लोक नृत्य पोरजा जनजातियों द्वारा अराकू घाटी (आंध्र प्रदेश) में किया जाता है। भारत की जनजातीय संस्कृति अत्यंत समृद्ध, रंगीन और विविधतापूर्ण है। इसी परंपरा की एक जीवंत अभिव्यक्ति है ढिम्सा लोक नृत्य जो मुख्य रूप से पोरजा जनजाति द्वारा अराकू घाटी (आंध्र प्रदेश) में किया जाता है। यह नृत्य न केवल मनोरंजन का साधन है बल्कि जनजातीय जीवन, सामूहिकता और प्रकृति से जुड़े भावों की सशक्त अभिव्यक्ति भी है। ढिम्सा नृत्य की उत्पत्ति और क्षेत्र ढिम्सा नृत्य का उद्भव आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम ज़िले की सुरम्य अराकू घाटी से जुड़ा है। यह क्षेत्र पहाड़ियों, हरियाली और जनजातीय बस्तियों के लिए प्रसिद्ध है। पोरजा जनजाति के साथ-साथ आसपास की कुछ अन्य जनजातियाँ भी इस नृत्य को अपनाती हैं किंतु इसका मूल स्वरूप पोरजा समुदाय की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है। नृत्य की विशेषताएँ ढिम्सा एक सामूहिक नृत्य है जिसमें पुरुष और महिलाएँ…