हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”! 🎉 जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है।
प्रोटोन क्या है?
प्रोटोन एक धनावेशित उप-परमाण्विक कण है जो परमाणु के नाभिक में पाया जाता है।
- इसका विद्युत आवेश: (+1.6 \times 10^{-19}) कूलॉम
- द्रव्यमान: इलेक्ट्रॉन की तुलना में लगभग 1836 गुना अधिक
किसी भी तत्व की परमाणु संख्या उसके नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है।
रदरफोर्ड द्वारा प्रोटोन की खोज
सन 1919 में अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने एक महत्वपूर्ण प्रयोग किया। उन्होंने नाइट्रोजन गैस पर तीव्र वेग से अल्फा कणों की बमबारी की। इस प्रयोग के दौरान उन्होंने देखा कि नाइट्रोजन नाभिक से एक हाइड्रोजन नाभिक बाहर निकलता है। रदरफोर्ड ने यह निष्कर्ष निकाला कि
- हाइड्रोजन नाभिक सभी नाभिकों का मूलभूत घटक है
- यही हाइड्रोजन नाभिक आगे चलकर प्रोटोन कहलाया
इस प्रकार प्रोटोन को एक स्वतंत्र उप-परमाण्विक कण के रूप में पहचाना गया।
प्रोटोन की खोज का महत्व
प्रोटोन की खोज से:
- परमाणु की नाभिकीय संरचना स्पष्ट हुई
- तत्वों की परमाणु संख्या की अवधारणा विकसित हुई
- आगे चलकर नाभिकीय भौतिकी और रसायन विज्ञान को नई दिशा मिली
- यह खोज न्यूट्रॉन और अन्य नाभिकीय कणों के अध्ययन का आधार भी बनी।
