लाहो नृत्य किसके द्वारा किया जाता है?
लाहो नृत्य मेघालय की जयन्तिया जनजाति द्वारा किया जाता है। भारत की सांस्कृतिक विविधता विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ प्रत्येक राज्य, प्रत्येक जनजाति और प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट परंपराएँ, वेशभूषा, संगीत और नृत्य शैली हैं। उत्तर-पूर्व भारत विशेष रूप से अपनी जनजातीय संस्कृति और जीवंत लोक परंपराओं के लिए जाना जाता है। इसी क्षेत्र में स्थित मेघालय राज्य की जयन्तिया जनजाति द्वारा किया जाने वाला लाहो नृत्य एक महत्वपूर्ण और लोकप्रिय लोकनृत्य है। यह नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है बल्कि सामाजिक एकता, प्रेम, सामुदायिक जीवन और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी है। मेघालय : संस्कृति और जनजातीय विरासत का राज्य मेघालय का अर्थ है - बादलों का घर। यह राज्य अपनी हरियाली, पहाड़ियों, झरनों और वर्षा के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ मुख्यतः तीन जनजातियाँ निवास करती हैं: खासी गारो जयन्तिया इन तीनों जनजातियों की अपनी अलग-अलग भाषा, रीति-रिवाज और लोकनृत्य हैं। जयन्तिया जनजाति जो मुख्यतः जयन्तिया हिल्स क्षेत्र में निवास करती है, अपनी सांस्कृतिक समृद्धि और विशिष्ट नृत्य शैलियों के लिए जानी जाती है। लाहो नृत्य इसी परंपरा …