ध्वनि की तीव्रता मापने वाला यंत्र क्या कहलाता है?

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ध्वनि की तीव्रता मापने वाला यंत्र ऑडियोमीटर कहलाता है। ध्वनि हमारे दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग है। अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न ध्वनियों की तीव्रता (Intensity) भिन्न-भिन्न होती है। किसी ध्वनि की तीव्रता को मापना विज्ञान, चिकित्सा और तकनीकी क्षेत्रों में अत्यंत आवश्यक होता है। ध्वनि की तीव्रता मापने वाले यंत्र को ऑडियोमीटर (Audiometer) कहा जाता है।

ध्वनि की तीव्रता मापने वाला यंत्र ऑडियोमीटर कहलाता है।

ऑडियोमीटर क्या है?

ऑडियोमीटर एक वैज्ञानिक एवं चिकित्सीय उपकरण है जिसका उपयोग ध्वनि की तीव्रता और मानव कान की श्रवण क्षमता (Hearing Ability) को मापने के लिए किया जाता है। यह विभिन्न आवृत्तियों (Frequencies) और तीव्रताओं की ध्वनियाँ उत्पन्न करता है जिनके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति कितनी तीव्र ध्वनि सुन सकता है।

ऑडियोमीटर का कार्य सिद्धांत

ऑडियोमीटर नियंत्रित ध्वनि तरंगें उत्पन्न करता है जिन्हें हेडफोन या स्पीकर के माध्यम से कानों तक पहुँचाया जाता है। ध्वनि की तीव्रता को क्रमशः बढ़ाया या घटाया जाता है और व्यक्ति की प्रतिक्रिया के आधार पर उसकी सुनने की क्षमता निर्धारित की जाती है। ध्वनि की तीव्रता को सामान्यतः डेसीबल (dB) में मापा जाता है।

ऑडियोमीटर के उपयोग

ऑडियोमीटर का उपयोग अनेक क्षेत्रों में किया जाता है जैसे:
  • अस्पतालों और ईएनटी (ENT) विभागों में
  • श्रवण दोष (Hearing Loss) की पहचान के लिए
  • बच्चों और बुजुर्गों की सुनने की क्षमता जाँचने में
  • शोर-प्रदूषण के प्रभावों का अध्ययन करने में
  • उद्योगों में कर्मचारियों की श्रवण सुरक्षा जाँच हेतु

वैज्ञानिक और चिकित्सीय महत्व

ऑडियोमीटर के माध्यम से समय रहते सुनने की समस्या का पता लगाया जा सकता है जिससे उचित उपचार संभव होता है। यह उपकरण शोर-प्रदूषण से होने वाली श्रवण हानि को समझने और रोकने में भी सहायक है।

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