मानव शरीर में रक्त से अवांछनीय पदार्थों को पृथक करने का कार्य कौनसा अंग करता है?

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मानव शरीर में रक्त से अवांछनीय पदार्थों को पृथक करने का कार्य वृक्क (Kedney) अंग करता है। मानव शरीर में वृक्क (Kidney) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है जिसका मुख्य कार्य रक्त से अवांछनीय, विषैले एवं अतिरिक्त पदार्थों को पृथक करना होता है। ये अंग शरीर के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में दो वृक्क होते हैं जो कमर के दोनों ओर रीढ़ की हड्डी के पास स्थित होते हैं।

मानव शरीर में रक्त से अवांछनीय पदार्थों को पृथक करने का कार्य वृक्क (Kedney) अंग करता है।

वृक्क का प्रमुख कार्य

वृक्क रक्त को निरंतर छानते रहते हैं और उसमें मौजूद अपशिष्ट पदार्थों जैसे यूरिया, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन तथा अतिरिक्त लवण और जल को अलग कर देते हैं। यह प्रक्रिया मूत्र निर्माण के माध्यम से होती है जिससे शरीर स्वच्छ और संतुलित बना रहता है।

रक्त शोधन की प्रक्रिया

वृक्क में लाखों सूक्ष्म नलिकाएँ होती हैं जिन्हें नेफ्रॉन (Nephron) कहा जाता है। नेफ्रॉन ही वृक्क की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। प्रत्येक नेफ्रॉन में ग्लोमेरुलस और नलिकाएँ होती हैं जहाँ रक्त का छनन, पुनःअवशोषण और स्राव की प्रक्रियाएँ संपन्न होती हैं। इस प्रकार आवश्यक पदार्थ शरीर में ही बने रहते हैं और अवांछनीय पदार्थ बाहर निकाल दिए जाते हैं।

जल एवं लवण संतुलन

वृक्क केवल अपशिष्ट पदार्थों को ही नहीं निकालते बल्कि शरीर में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम आदि) का संतुलन भी बनाए रखते हैं। इससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है और कोशिकाओं की कार्यक्षमता बनी रहती है।

हार्मोन निर्माण में भूमिका

वृक्क कुछ महत्वपूर्ण हार्मोनों के स्राव में भी सहायक होते हैं जैसे एरिथ्रोपोइटिन जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रेरित करता है तथा रेनिन जो रक्तचाप के नियमन में सहायक होता है।

वृक्क के खराब होने के दुष्परिणाम

यदि वृक्क सही ढंग से कार्य न करें तो रक्त में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं जिससे शरीर में सूजन, थकान, उच्च रक्तचाप और गंभीर स्थितियों में वृक्क विफलता (Kidney Failure) हो सकती है। ऐसी अवस्था में डायलिसिस या वृक्क प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ सकती है।

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