मानव शरीर में रक्त का थक्का नहीं बनने का प्रमुख कारण क्या है?

मानव शरीर में रक्त का थक्का नहीं बनने का प्रमुख कारण क्या है?
मानव शरीर में रक्त का थक्का नहीं बनने का प्रमुख कारण हिपेरिन की उपस्थिति है। मानव शरीर में रक्त का प्रवाह जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। रक्त न केवल ऑक्सीजन और पोषक तत्त्वों को अंगों तक पहुँचाता है बल्कि अपशिष्ट पदार्थों को हटाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और ताप-नियंत्रण जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य भी करता है। सामान्य परिस्थितियों में रक्त तरल अवस्था में रहता है किंतु चोट लगने पर उसका थक्का बनना (रक्तस्राव रोकने के लिए) उतना ही आवश्यक है। इस संतुलन जहाँ रक्त आवश्यक होने पर जमे और शेष समय तरल बना रहे को बनाए रखने में कई जैव-रासायनिक घटक मिलकर काम करते हैं। इन्हीं में एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक एण्टीकोएगुलेंट (रक्त-थक्का-रोधी) पदार्थ है हिपेरिन। रक्त का थक्का बनना: परिचय रक्त का थक्का बनना (Blood Coagulation) एक जटिल, बहु-चरणीय प्रक्रिया है जिसे क्लॉटिंग कैस्के* कहा जाता है। इस प्रक्रिया में कई क्लॉटिंग फैक्टर्स (जैसे फैक्टर I से XIII तक) क्रमिक रूप से सक्रिय होते हैं। मुख्य चरण संक्षेप में इस प्रकार हैं: वेसोकंस्ट्रिक्शन: चोट लगते ही रक्त वाहिका सिकुड़ती है। प्लेटलेट प्लग का निर्माण…