प्रकाश तरंगों के किस गुण से उनके अनुप्रस्थ होने का प्रमाण मिलता है?

प्रकाश तरंगों के किस गुण से उनके अनुप्रस्थ होने का प्रमाण मिलता है?
हर दिन सीखें कुछ नया — हर दिन मनाएं ज्ञान का “Happy New Year”!  🎉  जैसे नया साल नई उम्मीदों और नई शुरुआत का प्रतीक होता है वैसे ही हमारा मानना है कि हर दिन सीखने के लिए एक नया अवसर होता है। प्रकाश तरंगों के ध्रुवण (Polarisation) गुण से उनके अनुप्रस्थ होने का प्रमाण मिलता है। प्रकाश एक विद्युतचुंबकीय तरंग है जिसके तरंग-स्वरूप को समझने में ध्रुवण (Polarisation) का गुण अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ध्रुवण का अध्ययन यह स्पष्ट प्रमाण देता है कि प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं न कि अनुदैर्ध्य (Longitudinal)। ध्रुवण क्या है? सामान्यतः किसी प्रकाश स्रोत से निकलने वाली प्रकाश तरंगों में विद्युत क्षेत्र के कंपन प्रसार दिशा के लम्बवत सभी संभावित दिशाओं में होते हैं। ऐसी प्रकाश तरंगें अध्रुवित प्रकाश कहलाती हैं। जब इन कंपन-दिशाओं को किसी विशेष विधि से केवल एक ही तल या एक ही दिशा तक सीमित कर दिया जाता है तो प्राप्त प्रकाश ध्रुवित प्रकाश कहलाता है। इस प्रक्रिया को ही ध्रुवण कहते हैं। ध्रुवण और तरंगों की प्रकृति भौतिकी में तरंगें मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं: अनुदैर्ध्य तरंग…