संगम युग में तमिलों का सर्वाधिक लोकप्रिय देवता कौन था?
संगम युग में तमिलों का सर्वाधिक लोकप्रिय देवता कौन था?
संगम युग में तमिलों का सर्वाधिक लोकप्रिय देवता मुरुगन था। प्राचीन भारतीय इतिहास में संगम युग तमिल सभ्यता, संस्कृति, साहित्य और धार्मिक चेतना का स्वर्णकाल माना जाता है। यह काल केवल राजनीतिक या साहित्यिक उपलब्धियों के लिए ही नहीं बल्कि अपनी विशिष्ट धार्मिक मान्यताओं और लोकआस्थाओं के लिए भी प्रसिद्ध रहा है। संगम साहित्य के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि उस समय तमिल समाज में जिन देवताओं की पूजा होती थी उनमें मुरुगन का स्थान सर्वोपरि था। संगम युग में मुरुगन न केवल एक देवता थे बल्कि वे तमिल अस्मिता, वीरता, प्रेम, युवा शक्ति और प्रकृति-पूजा के प्रतीक भी थे। इसीलिए यह कहना पूर्णतः उचित है कि संगम युग में तमिलों का सर्वाधिक लोकप्रिय देवता मुरुगन था। संगम युग के बारे में संगम युग (लगभग 300 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी तक) दक्षिण भारत के इतिहास का वह काल है जब तमिल भाषा, साहित्य और संस्कृति अपने चरम उत्कर्ष पर थी। इस युग में रचित साहित्य को संगम साहित्य कहा जाता है जिसमें: एत्तुत्तोगै पत्तुप्पाट्टु तोल्काप्पियम जैसे ग्रंथ शामिल हैं। इन ग्रंथों में तत्कालीन समाज, युद्ध, प्रेम, प्रकृति और धर्म का जीवंत चित्रण मिल…